हरेला नरेला 2.0 जुलाई 8, 2019 (20वां दिवस)

भीम
नरेला में पिछले 20 दिनों से चल रहे पतौड़ी जोहड़ पुनर्जीवित अभियान के तहत युवाओं ने आज सफाई मुहिम चलाई। 2 घंटे तक चले इस मुहिम में जोहड़ के अंदर बाहर से भारी मात्रा में खतपतवार को हटाया गया। साथ में 30-40 किलो प्लास्टिक और अजैविक कचरा भी एकत्रित कर कूड़ेदान में पहुंचाया गया। दो दिन पहले भी युवाओं ने जोहड़ क्षेत्र से खतपतवार को हटाया था।
युवाओं का यह समूह नरेला में लोगों को पेड़-पानी-पर्यावरण के प्रति जागरूक कर रहा है। जून माह से ही युवाओं ने जोहड़ के चारों तरफ पौधारोपण का कार्य शुरू किया हुआ है। अब तक स्थानीय प्रजाति के 43 पौधे लगाए गए हैं। वहीं जोहड़ क्षेत्र में प्राकृतिक ढंग उगे 13 पौधों को सुरक्षित किया गया है। युवाओं का प्रयास है कि बारिश के पानी और अन्य विकल्पों के माध्यम से पतौड़ी जोहड़ को दोबारा भरा जाए ताकि भूजल स्तर में हो रही गिरावट को रोका जा सके।
धीरे धीरे युवाओं के प्रयास में बच्चे, बुजुर्ग और स्थानीय लोग भी जुट रहे हैं और अपना योगदान दे रहे हैं। सब का मानना है कि तालाब,जल संरक्षण के परंपरागत स्रोत हैं और तालाबों का संरक्षण बहुत जरूरी है। पतौड़ी जोहड़ सफाई अभियान में भाग लेने वाले सदस्यों के नाम हैं। गौरव कुमार,अश्वनी खत्री,घनश्याम भारद्वाज,हरीश खत्री, सुन्दर, मंजीत,जगजीत उर्फ़ निया, ब्रह्मदत्त, विनोद, दिनेश, कुलदीप, सुरेंद्र, कविंद्र, श्याम, सोनू, जोगिंद्र।
भीम

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